अध्याय 8 — वैद्युत चुंबकीय तरंगें (Electromagnetic Waves)

★ अध्याय की महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

1. विस्थापन धारा (Displacement Current)

विद्युत क्षेत्र में परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाली समतुल्य धारा को विस्थापन धारा कहते हैं।

सूत्र:

Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

—

2. विद्युत फ्लक्स (Electric Flux)

किसी पृष्ठ से गुजरने वाले विद्युत क्षेत्र का माप विद्युत फ्लक्स कहलाता है।

सूत्र:

Φᴱ = E A cos θ

—

3. वैद्युत चुंबकीय तरंग (Electromagnetic Wave)

परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र और परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र से बनी वह तरंग जो अंतरिक्ष में ऊर्जा का संचरण करती है, वैद्युत चुंबकीय तरंग कहलाती है।

—

4. विद्युत क्षेत्र (Electric Field)

किसी आवेश के आसपास का वह क्षेत्र जिसमें दूसरा आवेश विद्युत बल का अनुभव करता है, विद्युत क्षेत्र कहलाता है।

—

5. चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field)

किसी गतिमान आवेश, धारा या चुंबक के आसपास का वह क्षेत्र जिसमें चुंबकीय प्रभाव अनुभव किया जाता है, चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है।

—

6. विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम (Electromagnetic Spectrum)

विभिन्न आवृत्तियों अथवा तरंगदैर्ध्यों वाली सभी वैद्युत चुंबकीय तरंगों के क्रमबद्ध समूह को विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम कहते हैं।

—

7. तरंगदैर्ध्य (Wavelength)

दो क्रमागत समान कला वाले बिंदुओं के बीच की न्यूनतम दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं।

सूत्र:

c = νλ

—

8. आवृत्ति (Frequency)

एक सेकंड में होने वाले पूर्ण दोलनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं।

इकाई: हर्ट्ज़ (Hz)

—

9. आयाम (Amplitude)

तरंग द्वारा किसी माध्यम या क्षेत्र राशि के अधिकतम विचलन को उसका आयाम कहते हैं।

वैद्युत चुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र का आयाम E₀ तथा चुंबकीय क्षेत्र का आयाम B₀ लिखा जाता है।

—

10. निर्वात में प्रकाश की चाल (Speed of Light in Vacuum)

निर्वात में वैद्युत चुंबकीय तरंगों की चाल:

c = 3 × 10⁸ m/s

—

11. अनुप्रस्थ तरंग (Transverse Wave)

जिस तरंग में कंपन की दिशा तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होती है, उसे अनुप्रस्थ तरंग कहते हैं।

वैद्युत चुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं।

—

12. विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र की पारस्परिक लंबवतता

वैद्युत चुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र E, चुंबकीय क्षेत्र B और तरंग के संचरण की दिशा—तीनों एक-दूसरे के लंबवत होते हैं।

—

13. रेडियो तरंगें (Radio Waves)

विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम की लंबी तरंगदैर्ध्य और अपेक्षाकृत कम आवृत्ति वाली तरंगों को रेडियो तरंगें कहते हैं।

—

14. सूक्ष्म तरंगें (Microwaves)

रेडियो तरंगों की तुलना में कम तरंगदैर्ध्य वाली और अपेक्षाकृत अधिक आवृत्ति की विद्युतचुंबकीय तरंगों को सूक्ष्म तरंगें कहते हैं।

—

15. अवरक्त किरणें (Infrared Rays)

दृश्य लाल प्रकाश से अधिक तरंगदैर्ध्य वाली विद्युतचुंबकीय किरणों को अवरक्त किरणें कहते हैं।

—

16. दृश्य प्रकाश (Visible Light)

विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का वह भाग जिसे मानव आँख देख सकती है, दृश्य प्रकाश कहलाता है।

—

17. पराबैंगनी किरणें (Ultraviolet Rays)

दृश्य प्रकाश के बैंगनी भाग से कम तरंगदैर्ध्य वाली विद्युतचुंबकीय किरणों को पराबैंगनी किरणें कहते हैं।

—

18. X-किरणें (X-Rays)

बहुत कम तरंगदैर्ध्य और अधिक आवृत्ति वाली विद्युतचुंबकीय किरणों को X-किरणें कहते हैं।

—

19. गामा किरणें (Gamma Rays)

विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम की बहुत कम तरंगदैर्ध्य और बहुत अधिक आवृत्ति वाली किरणों को गामा किरणें कहते हैं।

★ 1. विस्थापन धारा (Displacement Current)

परिभाषा

विद्युत क्षेत्र में परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाली समतुल्य धारा को विस्थापन धारा कहते हैं।

सूत्र:

Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

जहाँ,

Iᵈ = विस्थापन धारा
ε₀ = निर्वात की विद्युतशीलता
Φᴱ = विद्युत फ्लक्स

—

सूत्र की समझ

यदि विद्युत फ्लक्स समय के साथ बदल रहा है, तो उससे संबंधित विस्थापन धारा उत्पन्न होती है।

Iᵈ ∝ dΦᴱ/dt

अर्थात विद्युत फ्लक्स जितनी तेजी से बदलेगा, विस्थापन धारा उतनी ही अधिक होगी।

—

मुख्य बिंदु

★ विस्थापन धारा परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र से संबंधित है।

★ इसका विचार मैक्सवेल ने दिया।

★ यह विशेष रूप से संधारित्र के आवेशन के समय महत्वपूर्ण है।

★ यह वास्तविक चालक धारा के समान नहीं होती।

—

विशेषताएँ

1. यह विद्युत क्षेत्र के परिवर्तन से संबंधित है।
2. इसका प्रभाव चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने में दिखाई देता है।
3. इसका मान विद्युत फ्लक्स के परिवर्तन की दर पर निर्भर करता है।

—

सीमाएँ / विशेष स्थिति

स्थिर विद्युत क्षेत्र के लिए:

dΦᴱ/dt = 0

अतः,

Iᵈ = 0

—

उदाहरण

i. संधारित्र के आवेशन के समय।

ii. परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र वाले क्षेत्र में।

iii. वैद्युत चुंबकीय तरंग के निर्माण में।

—

चार संख्यात्मक उदाहरण

उदाहरण 1

यदि ε₀ = 8.85 × 10⁻¹² F/m तथा विद्युत फ्लक्स के परिवर्तन की दर 2 × 10⁶ Wb/s है, तो विस्थापन धारा ज्ञात कीजिए।

दिया है:

ε₀ = 8.85 × 10⁻¹²

dΦᴱ/dt = 2 × 10⁶

सूत्र:

Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

हल:

Iᵈ = 8.85 × 10⁻¹² × 2 × 10⁶

Iᵈ = 17.7 × 10⁻⁶ A

उत्तर:

Iᵈ = 1.77 × 10⁻⁵ A

—

उदाहरण 2

यदि विद्युत फ्लक्स की परिवर्तन दर 5 × 10⁶ Wb/s है, तो विस्थापन धारा ज्ञात कीजिए।

Iᵈ = 8.85 × 10⁻¹² × 5 × 10⁶

Iᵈ = 44.25 × 10⁻⁶ A

उत्तर:

Iᵈ = 4.425 × 10⁻⁵ A

—

उदाहरण 3

यदि विद्युत फ्लक्स स्थिर है, तो विस्थापन धारा क्या होगी?

dΦᴱ/dt = 0

Iᵈ = ε₀ × 0

Iᵈ = 0

—

उदाहरण 4

यदि विस्थापन धारा 8.85 × 10⁻⁵ A है और ε₀ = 8.85 × 10⁻¹² F/m है, तो विद्युत फ्लक्स की परिवर्तन दर ज्ञात कीजिए।

Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

dΦᴱ/dt = Iᵈ/ε₀

dΦᴱ/dt = (8.85 × 10⁻⁵)/(8.85 × 10⁻¹²)

dΦᴱ/dt = 10⁷ Wb/s

★ 2. मैक्सवेल का विचार (Maxwell’s Idea)

मैक्सवेल ने बताया कि केवल विद्युत धारा ही चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न नहीं करती, बल्कि परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र भी चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न कर सकता है।

इसी विचार को समझाने के लिए विस्थापन धारा की अवधारणा महत्वपूर्ण है।

मुख्य बिंदु

★ स्थिर विद्युत क्षेत्र → विस्थापन धारा नहीं।

★ परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र → विस्थापन धारा।

★ परिवर्तनशील विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे को उत्पन्न कर सकते हैं।

★ 3. वैद्युत चुंबकीय तरंग (Electromagnetic Wave)

परिभाषा

परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र और परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र से उत्पन्न वह तरंग जो ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है, वैद्युत चुंबकीय तरंग कहलाती है।

—

मुख्य बिंदु

★ इसके लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।

★ यह निर्वात में भी चल सकती है।

★ यह अनुप्रस्थ तरंग है।

★ इसमें E और B क्षेत्र एक-दूसरे के लंबवत होते हैं।

★ E और B दोनों तरंग के संचरण की दिशा के भी लंबवत होते हैं।

—

विशेषताएँ

1. निर्वात में इसकी चाल 3 × 10⁸ m/s होती है।
2. यह ऊर्जा का संचरण करती है।
3. इसमें विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्र होते हैं।
4. विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र समान कला में दोलन करते हैं।
5. यह प्रकाश की चाल से निर्वात में चलती है।

—

सीमाएँ / विशेष स्थिति

वैद्युत चुंबकीय तरंगों को चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।

इसलिए:

निर्वात में भी EM wave चल सकती है।

—

उदाहरण

i. रेडियो तरंगें

ii. दृश्य प्रकाश

iii. X-किरणें

★ 4. वैद्युत चुंबकीय तरंग की प्रकृति (Nature of Electromagnetic Wave)

वैद्युत चुंबकीय तरंग अनुप्रस्थ होती है।

यदि तरंग z-दिशा में चल रही है, तो विद्युत क्षेत्र x-दिशा में और चुंबकीय क्षेत्र y-दिशा में हो सकते हैं।

अर्थात:

E ⟂ B

और

E ⟂ संचरण की दिशा

B ⟂ संचरण की दिशा

—

मुख्य बिंदु

★ E, B और संचरण दिशा तीनों परस्पर लंबवत हैं।

★ E और B समान कला में होते हैं।

★ E और B के आयामों का अनुपात नियत होता है।

★ 5. विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र का संबंध

वैद्युत चुंबकीय तरंग में:

E₀/B₀ = c

अतः,

E₀ = cB₀

जहाँ,

E₀ = विद्युत क्षेत्र का आयाम
B₀ = चुंबकीय क्षेत्र का आयाम
c = प्रकाश की चाल

—

मुख्य बिंदु

★ E₀ और B₀ का अनुपात प्रकाश की चाल के बराबर है।

★ निर्वात में c = 3 × 10⁸ m/s।

—

तीन उदाहरण

i. E₀ ज्ञात हो → B₀ = E₀/c

ii. B₀ ज्ञात हो → E₀ = cB₀

iii. E₀/B₀ ज्ञात हो → c प्राप्त किया जा सकता है।

—

चार संख्यात्मक उदाहरण

उदाहरण 1

यदि E₀ = 300 V/m है, तो B₀ ज्ञात कीजिए।

सूत्र:

E₀/B₀ = c

B₀ = E₀/c

B₀ = 300/(3 × 10⁸)

B₀ = 1 × 10⁻⁶ T

—

उदाहरण 2

यदि B₀ = 2 × 10⁻⁶ T है, तो E₀ ज्ञात कीजिए।

E₀ = cB₀

E₀ = 3 × 10⁸ × 2 × 10⁻⁶

E₀ = 600 V/m

—

उदाहरण 3

यदि E₀ = 900 V/m है:

B₀ = 900/(3 × 10⁸)

B₀ = 3 × 10⁻⁶ T

—

उदाहरण 4

यदि B₀ = 5 × 10⁻⁷ T है:

E₀ = 3 × 10⁸ × 5 × 10⁻⁷

E₀ = 150 V/m

★ 6. निर्वात में वैद्युत चुंबकीय तरंग की चाल (Speed of Electromagnetic Wave)

मैक्सवेल के सिद्धांत से निर्वात में वैद्युत चुंबकीय तरंग की चाल:

c = 1/√(μ₀ε₀)

जहाँ,

μ₀ = निर्वात की चुंबकीय पारगम्यता

ε₀ = निर्वात की विद्युतशीलता

—

व्युत्पत्ति का परिणाम

वैद्युत और चुंबकीय क्षेत्र के समीकरणों से तरंग की चाल का संबंध प्राप्त होता है:

c² = 1/(μ₀ε₀)

अतः,

c = 1/√(μ₀ε₀)

और इसका मान:

c ≈ 3 × 10⁸ m/s

—

मुख्य बिंदु

★ यह निर्वात में प्रकाश की चाल है।

★ इससे विद्युत, चुंबकीय और प्रकाशीय घटनाओं के बीच संबंध स्पष्ट होता है।

★ वैद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में प्रकाश की चाल से चलती हैं।

—

चार संख्यात्मक उदाहरण

उदाहरण 1

μ₀ = 4π × 10⁻⁷ N/A² तथा ε₀ = 8.85 × 10⁻¹² F/m हो, तो c का मान लगभग ज्ञात कीजिए।

c = 1/√(μ₀ε₀)

मान रखने पर:

c ≈ 3 × 10⁸ m/s

उत्तर: 3 × 10⁸ m/s

—

उदाहरण 2

यदि निर्वात में प्रकाश की चाल 3 × 10⁸ m/s है, तो वैद्युत चुंबकीय तरंग की चाल कितनी होगी?

उत्तर:

c = 3 × 10⁸ m/s

—

उदाहरण 3

यदि किसी निर्वात में EM wave की चाल 3 × 10⁸ m/s है, तो वह किस प्रकार की तरंग है?

उत्तर:

यह वैद्युत चुंबकीय तरंग है।

—

उदाहरण 4

यदि μ₀ और ε₀ के गुणनफल का मान 1.11 × 10⁻¹⁷ है, तो:

c = 1/√(1.11 × 10⁻¹⁷)

c ≈ 3 × 10⁸ m/s

★ 7. वैद्युत चुंबकीय तरंगों की ऊर्जा (Energy of Electromagnetic Waves)

वैद्युत चुंबकीय तरंगें ऊर्जा का संचरण करती हैं।

विद्युत क्षेत्र से संबंधित ऊर्जा घनत्व:

uᴱ = ½ ε₀E²

चुंबकीय क्षेत्र से संबंधित ऊर्जा घनत्व:

uᴮ = B²/(2μ₀)

वैद्युत चुंबकीय तरंग में दोनों का औसत योगदान महत्वपूर्ण है।

—

मुख्य बिंदु

★ EM waves ऊर्जा ले जाती हैं।

★ विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र दोनों ऊर्जा में योगदान देते हैं।

★ निर्वात में दोनों क्षेत्रों से संबंधित ऊर्जा घनत्व का औसत योगदान समान होता है।

★ 8. वैद्युत चुंबकीय तरंगों का वेग और आवृत्ति (Relation between Speed, Frequency and Wavelength)

वैद्युत चुंबकीय तरंग के लिए:

c = νλ

जहाँ,

c = प्रकाश की चाल
ν = आवृत्ति
λ = तरंगदैर्ध्य

—

सूत्र की समझ

यदि c नियत है, तो:

ν ∝ 1/λ

अर्थात आवृत्ति बढ़ने पर तरंगदैर्ध्य घटता है।

—

मुख्य बिंदु

★ अधिक आवृत्ति → कम तरंगदैर्ध्य।

★ कम आवृत्ति → अधिक तरंगदैर्ध्य।

★ निर्वात में सभी EM waves की चाल समान होती है।

—

चार संख्यात्मक उदाहरण

उदाहरण 1

ν = 6 × 10¹⁴ Hz हो, तो λ ज्ञात कीजिए।

λ = c/ν

λ = (3 × 10⁸)/(6 × 10¹⁴)

λ = 5 × 10⁻⁷ m

—

उदाहरण 2

λ = 600 nm हो, तो आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

600 nm = 600 × 10⁻⁹ m

ν = c/λ

ν = (3 × 10⁸)/(600 × 10⁻⁹)

ν = 5 × 10¹⁴ Hz

—

उदाहरण 3

ν = 3 × 10⁸ Hz हो, तो:

λ = (3 × 10⁸)/(3 × 10⁸)

λ = 1 m

—

उदाहरण 4

λ = 0.5 m हो, तो:

ν = (3 × 10⁸)/0.5

ν = 6 × 10⁸ Hz

★ 9. विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम (Electromagnetic Spectrum)

विभिन्न आवृत्तियों और तरंगदैर्ध्यों की सभी वैद्युत चुंबकीय तरंगों के क्रमबद्ध समूह को विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम कहते हैं।

कम आवृत्ति से अधिक आवृत्ति का क्रम

रेडियो → सूक्ष्म → अवरक्त → दृश्य → पराबैंगनी → X-किरणें → गामा

याद रखने की सीधी श्रृंखला:

Radio → Microwave → Infrared → Visible → Ultraviolet → X-ray → Gamma

★ 10. रेडियो तरंगें (Radio Waves)

परिभाषा

विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम की लंबी तरंगदैर्ध्य और कम आवृत्ति वाली तरंगों को रेडियो तरंगें कहते हैं।

उपयोग

i. रेडियो प्रसारण

ii. टेलीविजन संचार

iii. दूरसंचार

विशेषता

इनकी तरंगदैर्ध्य सामान्यतः स्पेक्ट्रम के उच्च आवृत्ति वाले भागों की तुलना में अधिक होती है।

★ 11. सूक्ष्म तरंगें (Microwaves)

परिभाषा

रेडियो तरंगों से कम तरंगदैर्ध्य और अधिक आवृत्ति वाली विद्युतचुंबकीय तरंगों को सूक्ष्म तरंगें कहते हैं।

उपयोग

i. रडार

ii. उपग्रह संचार

iii. माइक्रोवेव ओवन

मुख्य बात

रडार में सूक्ष्म तरंगों का उपयोग वस्तुओं की स्थिति और दूरी ज्ञात करने में किया जाता है।

★ 12. अवरक्त किरणें (Infrared Rays)

परिभाषा

दृश्य लाल प्रकाश से अधिक तरंगदैर्ध्य वाली विद्युतचुंबकीय किरणों को अवरक्त किरणें कहते हैं।

उपयोग

i. रिमोट कंट्रोल

ii. ऊष्मीय चित्रण

iii. चिकित्सकीय एवं औद्योगिक तापीय उपयोग

मुख्य बात

अवरक्त किरणें ऊष्मीय प्रभाव से विशेष रूप से जुड़ी होती हैं।

★ 13. दृश्य प्रकाश (Visible Light)

परिभाषा

विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का वह भाग जिसे मानव आँख देख सकती है, दृश्य प्रकाश कहलाता है।

रंगों का क्रम

लाल → नारंगी → पीला → हरा → नीला → जामुनी → बैंगनी

मुख्य बात

लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अधिक और बैंगनी प्रकाश की तरंगदैर्ध्य कम होती है।

★ 14. पराबैंगनी किरणें (Ultraviolet Rays)

परिभाषा

दृश्य बैंगनी प्रकाश से कम तरंगदैर्ध्य वाली विद्युतचुंबकीय किरणों को पराबैंगनी किरणें कहते हैं।

उपयोग

i. रोगाणु नष्ट करने में

ii. पराबैंगनी प्रकाश आधारित परीक्षणों में

iii. कुछ रासायनिक एवं औद्योगिक प्रक्रियाओं में

मुख्य बात

इनकी आवृत्ति दृश्य प्रकाश से अधिक होती है।

★ 15. X-किरणें (X-Rays)

परिभाषा

बहुत कम तरंगदैर्ध्य और अधिक आवृत्ति वाली विद्युतचुंबकीय किरणों को X-किरणें कहते हैं।

उपयोग

i. चिकित्सा में शरीर के अंदर की संरचना की जाँच

ii. औद्योगिक दोष परीक्षण

iii. सुरक्षा एवं वैज्ञानिक जाँच

मुख्य बात

X-किरणों में पदार्थ के भीतर प्रवेश करने की क्षमता होती है।

★ 16. गामा किरणें (Gamma Rays)

परिभाषा

विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम की अत्यधिक अधिक आवृत्ति और अत्यंत कम तरंगदैर्ध्य वाली किरणों को गामा किरणें कहते हैं।

उपयोग

i. चिकित्सा में कुछ कैंसर उपचारों में

ii. चिकित्सा उपकरणों के निर्जीवीकरण में

iii. वैज्ञानिक अनुसंधान में

मुख्य बात

इनकी ऊर्जा विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम के उच्च-ऊर्जा भाग में होती है।

★ 17. विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का क्रम (Order of Electromagnetic Spectrum)

बढ़ती आवृत्ति का क्रम

रेडियो < सूक्ष्म < अवरक्त < दृश्य < पराबैंगनी < X-किरणें < गामा

बढ़ती ऊर्जा का क्रम

रेडियो < सूक्ष्म < अवरक्त < दृश्य < पराबैंगनी < X-किरणें < गामा

बढ़ती तरंगदैर्ध्य का क्रम

गामा < X-किरणें < पराबैंगनी < दृश्य < अवरक्त < सूक्ष्म < रेडियो

★ 18. वैद्युत चुंबकीय तरंगों की मुख्य विशेषताएँ (Characteristics of Electromagnetic Waves)

★ ये अनुप्रस्थ तरंगें हैं।

★ इन्हें चलने के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।

★ ये निर्वात में भी चलती हैं।

★ निर्वात में इनकी चाल 3 × 10⁸ m/s होती है।

★ इनमें विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्र होते हैं।

★ E और B एक-दूसरे के लंबवत होते हैं।

★ E और B दोनों तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होते हैं।

★ ये ऊर्जा का संचरण करती हैं।

★ विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र समान कला में दोलन करते हैं।

★ 19. वैद्युत चुंबकीय तरंगों के स्रोत (Sources of Electromagnetic Waves)

परिवर्तनशील आवेश वैद्युत चुंबकीय विकिरण उत्पन्न कर सकते हैं।

उदाहरण

i. त्वरित आवेश

ii. बदलती हुई विद्युत धाराएँ

iii. विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक एवं परमाण्विक प्रक्रियाएँ

मुख्य बात

त्वरित आवेश → परिवर्तनशील विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र → वैद्युत चुंबकीय तरंग

★ 20. वैद्युत चुंबकीय तरंग और प्रकाश (EM Waves and Light)

मैक्सवेल के सिद्धांत से प्राप्त वैद्युत चुंबकीय तरंग की चाल:

c = 1/√(μ₀ε₀)

यह वही चाल है जो निर्वात में प्रकाश की चाल के बराबर है।

इससे यह निष्कर्ष निकला कि:

प्रकाश स्वयं एक वैद्युत चुंबकीय तरंग है।

—

★ चार महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न

प्रश्न 1

एक EM wave की आवृत्ति 5 × 10¹⁴ Hz है। इसकी तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए।

λ = c/ν

λ = (3 × 10⁸)/(5 × 10¹⁴)

λ = 6 × 10⁻⁷ m

—

प्रश्न 2

एक EM wave की तरंगदैर्ध्य 3 × 10⁻² m है। आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

ν = c/λ

ν = (3 × 10⁸)/(3 × 10⁻²)

ν = 10¹⁰ Hz

—

प्रश्न 3

यदि किसी EM wave में E₀ = 600 V/m है, तो B₀ ज्ञात कीजिए।

B₀ = E₀/c

B₀ = 600/(3 × 10⁸)

B₀ = 2 × 10⁻⁶ T

—

प्रश्न 4

यदि B₀ = 4 × 10⁻⁶ T है, तो E₀ ज्ञात कीजिए।

E₀ = cB₀

E₀ = 3 × 10⁸ × 4 × 10⁻⁶

E₀ = 1.2 × 10³ V/m

★ 21. सभी जरूरी सूत्र एक जगह (Complete Formula Sheet)

विद्युत फ्लक्स

Φᴱ = E A cos θ

विस्थापन धारा

Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

EM wave की चाल

c = 1/√(μ₀ε₀)

विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र का संबंध

E₀/B₀ = c

दूसरा रूप

E₀ = cB₀

तरंग का मूल संबंध

c = νλ

तरंगदैर्ध्य

λ = c/ν

आवृत्ति

ν = c/λ

विद्युत क्षेत्र की ऊर्जा घनत्व

uᴱ = ½ ε₀E²

चुंबकीय क्षेत्र की ऊर्जा घनत्व

uᴮ = B²/(2μ₀)

★ 22. (Quick Revision)

परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र → विस्थापन धारा

विस्थापन धारा: Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

EM wave → विद्युत क्षेत्र + चुंबकीय क्षेत्र

EM wave → अनुप्रस्थ

E ⟂ B

E और B दोनों → संचरण दिशा के लंबवत

E₀/B₀ = c

c = 1/√(μ₀ε₀)

c = 3 × 10⁸ m/s

c = νλ

अधिक ν → कम λ

रेडियो → सूक्ष्म → अवरक्त → दृश्य → पराबैंगनी → X-किरणें → गामा

बढ़ती आवृत्ति → रेडियो से गामा

बढ़ती ऊर्जा → रेडियो से गामा

बढ़ती तरंगदैर्ध्य → गामा से रेडियो

★ 23. बोर्ड परीक्षा के महत्वपूर्ण प्रश्न

1. विस्थापन धारा क्या है? इसका सूत्र लिखिए।

2. मैक्सवेल ने विस्थापन धारा की अवधारणा क्यों दी?

3. वैद्युत चुंबकीय तरंग क्या है?

4. वैद्युत चुंबकीय तरंगों की कोई चार विशेषताएँ लिखिए।

5. सिद्ध कीजिए कि वैद्युत चुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं।

6. विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र के बीच क्या संबंध है?

7. सिद्ध कीजिए कि E₀/B₀ = c

8. निर्वात में वैद्युत चुंबकीय तरंग की चाल का सूत्र लिखिए।

9. सिद्ध कीजिए कि c = 1/√(μ₀ε₀)

10. विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम क्या है?

11. विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का बढ़ती आवृत्ति के क्रम में नाम लिखिए।

12. रेडियो तरंगों के उपयोग लिखिए।

13. सूक्ष्म तरंगों के उपयोग लिखिए।

14. अवरक्त किरणों के उपयोग लिखिए।

15. पराबैंगनी किरणों के उपयोग लिखिए।

16. X-किरणों के उपयोग लिखिए।

17. गामा किरणों के उपयोग लिखिए।

18. वैद्युत चुंबकीय तरंगों को संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता क्यों नहीं होती?

19. प्रकाश को वैद्युत चुंबकीय तरंग क्यों कहा जाता है?

20. विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम में आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य का संबंध समझाइए।

★ 24. स्वयं से पूछें — Self Test

प्रश्न 1

विस्थापन धारा का सूत्र क्या है?

उत्तर: Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

प्रश्न 2

वैद्युत चुंबकीय तरंगें कैसी होती हैं?

उत्तर: अनुप्रस्थ।

प्रश्न 3

क्या EM waves निर्वात में चल सकती हैं?

उत्तर: हाँ।

प्रश्न 4

निर्वात में EM wave की चाल कितनी है?

उत्तर: 3 × 10⁸ m/s

प्रश्न 5

E और B के बीच क्या संबंध है?

उत्तर: E₀/B₀ = c

प्रश्न 6

EM wave के लिए मूल तरंग संबंध क्या है?

उत्तर: c = νλ

प्रश्न 7

सबसे कम आवृत्ति वाली तरंग कौन-सी है?

उत्तर: रेडियो तरंगें।

प्रश्न 8

सबसे अधिक आवृत्ति वाली तरंग कौन-सी है?

उत्तर: गामा किरणें।

प्रश्न 9

सबसे अधिक तरंगदैर्ध्य किसकी है?

उत्तर: रेडियो तरंगों की।

प्रश्न 10

सबसे कम तरंगदैर्ध्य किसकी है?

उत्तर: गामा किरणों की।

प्रश्न 11

रडार में मुख्यतः किस तरंग का उपयोग होता है?

उत्तर: सूक्ष्म तरंगों का।

प्रश्न 12

रिमोट कंट्रोल में सामान्यतः किस क्षेत्र की किरणें उपयोग होती हैं?

उत्तर: अवरक्त किरणें।

प्रश्न 13

चिकित्सा में शरीर के अंदर की संरचना देखने के लिए कौन-सी किरणें उपयोगी हैं?

उत्तर: X-किरणें।

प्रश्न 14

वैद्युत चुंबकीय तरंगों में E और B कैसे होते हैं?

उत्तर: एक-दूसरे के लंबवत तथा संचरण दिशा के भी लंबवत।

प्रश्न 15

प्रकाश किस प्रकार की तरंग है?

उत्तर: वैद्युत चुंबकीय तरंग।

★ 25. बोर्ड परीक्षा में होने वाली सामान्य गलतियाँ

गलती 1

विस्थापन धारा को सामान्य चालक धारा समझ लेना।

सही: यह परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र से संबंधित है।

—

गलती 2

EM wave को अनुदैर्ध्य तरंग लिख देना।

सही: EM wave अनुप्रस्थ होती है।

—

गलती 3

E और B को समान दिशा में लिखना।

सही:

E ⟂ B

—

गलती 4

EM wave के लिए माध्यम आवश्यक लिखना।

सही: EM wave निर्वात में भी चल सकती है।

—

गलती 5

स्पेक्ट्रम का क्रम उल्टा कर देना।

कम आवृत्ति → अधिक आवृत्ति

रेडियो → सूक्ष्म → अवरक्त → दृश्य → पराबैंगनी → X → गामा

—

गलती 6

c = ν/λ लिख देना।

सही:

c = νλ

—

गलती 7

E₀/B₀ के स्थान पर B₀/E₀ = c लिख देना।

सही:

E₀/B₀ = c

—

गलती 8

तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति दोनों को एक साथ बढ़ता हुआ लिख देना।

सही:

c = νλ

निर्वात में c नियत होने पर:

ν ∝ 1/λ

★ 26. परीक्षा में याद रखने वाली सबसे जरूरी बातें

★ Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

★ c = 1/√(μ₀ε₀)

★ E₀/B₀ = c

★ c = νλ

★ EM wave = अनुप्रस्थ तरंग

★ E ⟂ B

★ E और B → संचरण दिशा के लंबवत

★ EM wave को माध्यम की आवश्यकता नहीं

★ प्रकाश = EM wave

★ रेडियो → सबसे कम आवृत्ति

★ गामा → सबसे अधिक आवृत्ति

★ रेडियो → सबसे अधिक तरंगदैर्ध्य

★ गामा → सबसे कम तरंगदैर्ध्य

★ Microwave → Radar

★ Infrared → Remote

★ X-rays → Medical imaging

★ Gamma → उच्च-ऊर्जा उपयोग

★ 27. अंतिम 1-मिनट रिवीजन

अगर परीक्षा से पहले केवल एक मिनट हो, तो यह जरूर पढ़ें:

विस्थापन धारा

Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

EM wave

विद्युत क्षेत्र + चुंबकीय क्षेत्र

प्रकृति

अनुप्रस्थ

संबंध

E₀/B₀ = c

चाल

c = 1/√(μ₀ε₀)

c = 3 × 10⁸ m/s

तरंग संबंध

c = νλ

स्पेक्ट्रम

रेडियो → सूक्ष्म → अवरक्त → दृश्य → पराबैंगनी → X-किरणें → गामा

आवृत्ति बढ़ती है →

रेडियो से गामा

तरंगदैर्ध्य बढ़ती है →

गामा से रेडियो

सबसे जरूरी बात:

E ⟂ B ⟂ संचरण दिशा

★ अध्याय का अंतिम सार

वैद्युत चुंबकीय तरंगें परिवर्तनशील विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों से बनी अनुप्रस्थ तरंगें हैं। इनके लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती और ये निर्वात में प्रकाश की चाल से चलती हैं। मैक्सवेल की विस्थापन धारा की अवधारणा इस सिद्धांत को समझने में महत्वपूर्ण है।

इस अध्याय में सबसे अधिक ध्यान इन चार संबंधों पर रखें:

Iᵈ = ε₀ dΦᴱ/dt

c = 1/√(μ₀ε₀)

E₀/B₀ = c

c = νλ

और विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का क्रम हमेशा सही रखें:

रेडियो → सूक्ष्म → अवरक्त → दृश्य → पराबैंगनी → X-किरणें → गामा

यही इस अध्याय की मुख्य रीढ़ है।

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