अध्याय 3 : विद्युत धारा (Electric Current)

Class 12 Physics Chapter 3 Current Electricity की तैयारी के लिए यहाँ आपको Topper Notes, महत्वपूर्ण प्रश्न, पिछले 5 वर्षों के PYQ Questions और Online Quiz मिलेंगे। यह सामग्री UP Board Class 12 Physics परीक्षा की तैयारी में आपकी मदद करेगी।

अध्याय की महत्वपूर्ण परिभाषाएँ (Important Definitions)

1. विद्युत धारा (Electric Current)
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति इकाई समय में प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।

2. अपवाह वेग (Drift Velocity)
विद्युत क्षेत्र की उपस्थिति में चालक के मुक्त इलेक्ट्रॉनों में उत्पन्न औसत नियत वेग को अपवाह वेग कहते हैं।

3. गतिशीलता (Mobility)
किसी आवेश वाहक के अपवाह वेग और उस पर लगाए गए विद्युत क्षेत्र की तीव्रता के अनुपात को उसकी गतिशीलता कहते हैं।

4. धारा घनत्व (Current Density)
किसी चालक के एकांक अनुप्रस्थ क्षेत्रफल से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा को धारा घनत्व कहते हैं।

5. प्रतिरोध (Resistance)
किसी चालक द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह का जो विरोध किया जाता है, उसे उस चालक का प्रतिरोध कहते हैं।

6. प्रतिरोधकता (Resistivity)
किसी पदार्थ के एकांक लंबाई और एकांक अनुप्रस्थ क्षेत्रफल वाले चालक के प्रतिरोध को उस पदार्थ की प्रतिरोधकता कहते हैं।

7. ओम का नियम (Ohm’s Law)
तापमान तथा अन्य भौतिक अवस्थाएँ स्थिर रहने पर किसी चालक में प्रवाहित धारा उसके सिरों के बीच विभवान्तर के समानुपाती होती है।

8. विद्युत शक्ति (Electric Power)
किसी विद्युत उपकरण द्वारा विद्युत ऊर्जा के उपयोग या खर्च होने की दर को विद्युत शक्ति कहते हैं।

9. विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy)
विद्युत धारा द्वारा किसी उपकरण में कार्य करने के लिए खर्च की गई ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा कहते हैं।

10. विद्युत वाहक बल (Electromotive Force)
किसी सेल द्वारा एकांक आवेश को पूरे परिपथ में प्रवाहित करने में दी गई ऊर्जा को उस सेल का विद्युत वाहक बल कहते हैं।

11. आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance)
सेल के अंदर उपस्थित वह प्रतिरोध, जो सेल के भीतर विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है, आंतरिक प्रतिरोध कहलाता है।

12. किरचॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff’s First Law)
किसी विद्युत परिपथ की संधि पर आने वाली कुल धारा, उस संधि से बाहर जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है।

13. किरचॉफ का द्वितीय नियम (Kirchhoff’s Second Law)
किसी बंद विद्युत परिपथ में सभी विद्युत वाहक बलों और विभवान्तरों का बीजीय योग शून्य होता है।

14. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge)
चार प्रतिरोधों से बना वह विद्युत परिपथ, जिसकी सहायता से किसी अज्ञात प्रतिरोध का मान ज्ञात किया जा सकता है, व्हीटस्टोन सेतु कहलाता है।

1. विद्युत धारा (Electric Current)

परिभाषा

किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति इकाई समय में गुजरने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।

सूत्र

I = Q/t

जहाँ,
I = विद्युत धारा
Q = विद्युत आवेश
t = समय

तीन आसान उदाहरण

– बल्ब जलने पर तार में विद्युत धारा बहती है।
– पंखा चलने पर उसके परिपथ में धारा प्रवाहित होती है।
– मोबाइल चार्ज करते समय तार में धारा बहती है।

मुख्य बातें

– विद्युत धारा का SI मात्रक ऐम्पियर है।
– 1 ऐम्पियर धारा का अर्थ है कि 1 सेकंड में 1 कूलॉम आवेश प्रवाहित हो रहा है।
– विद्युत धारा एक अदिश राशि है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 5 सेकंड में 20 कूलॉम आवेश प्रवाहित होता है। धारा ज्ञात कीजिए।

दिया है:
Q = 20 C
t = 5 s

सूत्र:
I = Q/t

हल:
I = 20/5
I = 4 A

अतः

उत्तर: 4 A

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 10 सेकंड में 50 कूलॉम आवेश प्रवाहित होता है। धारा ज्ञात कीजिए।

दिया है:
Q = 50 C
t = 10 s

सूत्र:
I = Q/t

हल:
I = 50/10
I = 5 A

अतः

उत्तर: 5 A

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 2 मिनट में 120 कूलॉम आवेश प्रवाहित होता है। धारा ज्ञात कीजिए।

दिया है:
Q = 120 C
t = 2 मिनट = 120 s

सूत्र:
I = Q/t

हल:
I = 120/120
I = 1 A

अतः

उत्तर: 1 A

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: किसी परिपथ में 0.5 A धारा 20 सेकंड तक बहती है। कुल आवेश ज्ञात कीजिए।

दिया है:
I = 0.5 A
t = 20 s

सूत्र:
Q = It

हल:
Q = 0.5 × 20
Q = 10 C

अतः

उत्तर: 10 C

2. अपवाह वेग (Drift Velocity)

परिभाषा

जब किसी चालक में विद्युत क्षेत्र लगाया जाता है, तब उसके मुक्त इलेक्ट्रॉन एक निश्चित औसत वेग से एक दिशा में गति करने लगते हैं। इस औसत वेग को अपवाह वेग कहते हैं।

सूत्र

vᵈ = I/(neA)

जहाँ,
vᵈ = अपवाह वेग
I = धारा
n = इलेक्ट्रॉनों की संख्या घनत्व
e = इलेक्ट्रॉन का आवेश
A = चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल

तीन आसान उदाहरण

– तार में विद्युत क्षेत्र लगाने पर मुक्त इलेक्ट्रॉनों में अपवाह गति उत्पन्न होती है।
– धातु के तार में विद्युत धारा का संबंध इलेक्ट्रॉनों के अपवाह से होता है।
– विद्युत क्षेत्र बढ़ने पर सामान्यतः अपवाह वेग भी बढ़ सकता है।

मुख्य बातें

– अपवाह वेग का मान सामान्यतः बहुत छोटा होता है।
– इलेक्ट्रॉन की गति की दिशा परंपरागत धारा की दिशा के विपरीत होती है।
– अपवाह वेग धारा के मान को प्रभावित करता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: अपवाह वेग 2 × 10⁻⁴ m/s है। 5 सेकंड में तय दूरी ज्ञात कीजिए।

दिया है:
vᵈ = 2 × 10⁻⁴ m/s
t = 5 s

सूत्र:
s = vᵈt

हल:
s = 2 × 10⁻⁴ × 5
s = 10⁻³ m

अतः

उत्तर: 10⁻³ m

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: अपवाह वेग 4 × 10⁻⁵ m/s है और समय 20 सेकंड है। दूरी ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
s = vᵈt

हल:
s = 4 × 10⁻⁵ × 20
s = 8 × 10⁻⁴ m

अतः

उत्तर: 8 × 10⁻⁴ m

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: अपवाह वेग 3 × 10⁻⁵ m/s और समय 10 सेकंड है। दूरी ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
s = vᵈt

हल:
s = 3 × 10⁻⁵ × 10
s = 3 × 10⁻⁴ m

अतः

उत्तर: 3 × 10⁻⁴ m

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: अपवाह वेग 5 × 10⁻⁶ m/s है। 2 × 10⁶ सेकंड में दूरी ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
s = vᵈt

हल:
s = 5 × 10⁻⁶ × 2 × 10⁶
s = 10 m

अतः

उत्तर: 10 m

3. धारा और अपवाह वेग का संबंध (Relation Between Current and Drift Velocity)

परिभाषा

चालक में विद्युत धारा मुक्त इलेक्ट्रॉनों के अपवाह के कारण उत्पन्न होती है। इसलिए धारा का मान अपवाह वेग पर निर्भर करता है।

मुख्य सूत्र

I = neAvᵈ

संक्षिप्त व्युत्पत्ति

समय t में इलेक्ट्रॉन द्वारा तय दूरी:

l = vᵈt

इस दूरी में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या:

N = nAl

कुल आवेश:

Q = neAl

अतः,

Q = neAvᵈt

अब,

I = Q/t

इसलिए,

I = neAvᵈ

तीन आसान उदाहरण

– अपवाह वेग बढ़ने पर धारा बढ़ती है।
– मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक होने पर धारा बढ़ सकती है।
– चालक का क्षेत्रफल बढ़ने पर समान परिस्थितियों में धारा बढ़ सकती है।

मुख्य बातें

I ∝ n

I ∝ A

I ∝ vᵈ

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: n = 8 × 10²⁸ m⁻³, e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C, A = 10⁻⁶ m² तथा vᵈ = 2.5 × 10⁻⁴ m/s है। धारा ज्ञात कीजिए।

दिया है:
n = 8 × 10²⁸ m⁻³
e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C
A = 10⁻⁶ m²
vᵈ = 2.5 × 10⁻⁴ m/s

सूत्र:
I = neAvᵈ

हल:
I = 8 × 10²⁸ × 1.6 × 10⁻¹⁹ × 10⁻⁶ × 2.5 × 10⁻⁴

I = 0.32 A

अतः

उत्तर: 0.32 A

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: यदि अपवाह वेग दोगुना कर दिया जाए और बाकी सभी राशियाँ समान रहें, तो धारा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

सूत्र:
I ∝ vᵈ

हल:
अपवाह वेग दोगुना होने पर धारा भी दोगुनी हो जाएगी।

अतः

उत्तर: धारा दोगुनी होगी।

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: यदि चालक का क्षेत्रफल आधा कर दिया जाए और बाकी सभी राशियाँ समान रहें, तो धारा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

सूत्र:
I ∝ A

हल:
क्षेत्रफल आधा होने पर धारा भी आधी हो जाएगी।

अतः

उत्तर: धारा आधी होगी।

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: यदि मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या घनत्व दोगुना हो जाए और बाकी सभी राशियाँ समान रहें, तो धारा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

सूत्र:
I ∝ n

हल:
n दोगुना होने पर धारा भी दोगुनी होगी।

अतः

उत्तर: धारा दोगुनी होगी।

4. गतिशीलता (Mobility)

परिभाषा

किसी आवेश वाहक के अपवाह वेग और उस पर लगाए गए विद्युत क्षेत्र की तीव्रता के अनुपात को उसकी गतिशीलता कहते हैं। इससे पता चलता है कि आवेश वाहक विद्युत क्षेत्र में कितनी आसानी से गति करता है।

सूत्र

μ = vᵈ/E

इससे,

vᵈ = μE

तीन आसान उदाहरण

– विद्युत क्षेत्र बढ़ने पर अपवाह वेग बढ़ सकता है।
– अलग-अलग पदार्थों में आवेश वाहकों की गतिशीलता अलग होती है।
– अधिक गतिशीलता होने पर समान विद्युत क्षेत्र में अपवाह वेग अधिक हो सकता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: vᵈ = 2 × 10⁻⁴ m/s और E = 10 V/m है। गतिशीलता ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
μ = vᵈ/E

हल:
μ = 2 × 10⁻⁴/10

μ = 2 × 10⁻⁵ m²/(V·s)

अतः

उत्तर: 2 × 10⁻⁵ m²/(V·s)

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: μ = 4 × 10⁻³ m²/(V·s) और E = 5 V/m है। अपवाह वेग ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
vᵈ = μE

हल:
vᵈ = 4 × 10⁻³ × 5

vᵈ = 2 × 10⁻² m/s

अतः

उत्तर: 2 × 10⁻² m/s

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: μ = 3 × 10⁻³ m²/(V·s) और E = 2 V/m है। अपवाह वेग ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
vᵈ = μE

हल:
vᵈ = 3 × 10⁻³ × 2

vᵈ = 6 × 10⁻³ m/s

अतः

उत्तर: 6 × 10⁻³ m/s

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: vᵈ = 8 × 10⁻⁴ m/s और E = 4 V/m है। गतिशीलता ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
μ = vᵈ/E

हल:
μ = 8 × 10⁻⁴/4

μ = 2 × 10⁻⁴ m²/(V·s)

अतः

उत्तर: 2 × 10⁻⁴ m²/(V·s)

5. ओम का नियम (Ohm’s Law)

परिभाषा

तापमान तथा अन्य भौतिक अवस्थाएँ स्थिर रहने पर किसी चालक में बहने वाली विद्युत धारा उसके सिरों के बीच विभवान्तर के समानुपाती होती है।

सूत्र

V ∝ I

या,

V = IR

इससे,

R = V/I

तीन आसान उदाहरण

– विभवान्तर बढ़ाने पर चालक में धारा बढ़ सकती है।
– निश्चित प्रतिरोध के लिए विभवान्तर और धारा का संबंध सीधा होता है।
– ओम के नियम से किसी चालक का प्रतिरोध ज्ञात किया जा सकता है।

मुख्य बातें

– ओमीय चालक के लिए V-I ग्राफ सीधी रेखा होता है।
– V-I ग्राफ की ढाल प्रतिरोध के बराबर होती है।
– यह नियम तापमान स्थिर रहने पर लागू होता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 12 V विभवान्तर वाले परिपथ में 3 A धारा बहती है। प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

दिया है:
V = 12 V
I = 3 A

सूत्र:
R = V/I

हल:
R = 12/3
R = 4 Ω

अतः

उत्तर: 4 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 6 Ω के प्रतिरोध में 2 A धारा बह रही है। विभवान्तर ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
V = IR

हल:
V = 2 × 6
V = 12 V

अतः

उत्तर: 12 V

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 20 V विभवान्तर और 5 Ω प्रतिरोध वाले चालक में धारा ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
I = V/R

हल:
I = 20/5
I = 4 A

अतः

उत्तर: 4 A

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: किसी चालक का प्रतिरोध 10 Ω है और उसमें 0.5 A धारा बह रही है। विभवान्तर ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
V = IR

हल:
V = 0.5 × 10
V = 5 V

अतः

उत्तर: 5 V

6. प्रतिरोध और प्रतिरोधकता (Resistance and Resistivity)

परिभाषा

किसी चालक द्वारा धारा के प्रवाह का विरोध उसका प्रतिरोध कहलाता है। यह चालक की लंबाई, क्षेत्रफल और पदार्थ पर निर्भर करता है।

प्रतिरोधकता पदार्थ का गुण है, जो बताती है कि वह पदार्थ विद्युत धारा के प्रवाह का कितना विरोध करता है।

सूत्र

R = ρl/A

इससे,

ρ = RA/l

तीन आसान उदाहरण

– तार की लंबाई बढ़ाने पर उसका प्रतिरोध बढ़ता है।
– तार को मोटा करने पर उसका प्रतिरोध घटता है।
– अलग-अलग पदार्थों की प्रतिरोधकता अलग होती है।

मुख्य बातें

R ∝ l

R ∝ 1/A

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: किसी तार की प्रतिरोधकता 2 × 10⁻⁶ Ωm, लंबाई 4 m और क्षेत्रफल 2 × 10⁻⁶ m² है। प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
R = ρl/A

हल:
R = (2 × 10⁻⁶ × 4)/(2 × 10⁻⁶)

R = 4 Ω

अतः

उत्तर: 4 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: ρ = 1.5 × 10⁻⁶ Ωm, l = 3 m और A = 1.5 × 10⁻⁶ m² है। R ज्ञात कीजिए।

हल:
R = (1.5 × 10⁻⁶ × 3)/(1.5 × 10⁻⁶)

R = 3 Ω

अतः

उत्तर: 3 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: R = 5 Ω, l = 2 m और A = 4 × 10⁻⁶ m² है। प्रतिरोधकता ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
ρ = RA/l

हल:
ρ = (5 × 4 × 10⁻⁶)/2

ρ = 1 × 10⁻⁵ Ωm

अतः

उत्तर: 1 × 10⁻⁵ Ωm

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: किसी तार की लंबाई दोगुनी कर दी जाए और क्षेत्रफल समान रहे, तो उसके प्रतिरोध पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

सूत्र:
R ∝ l

हल:
लंबाई दोगुनी होने पर प्रतिरोध भी दोगुना होगा।

अतः

उत्तर: प्रतिरोध दोगुना होगा।

7. तापमान के साथ प्रतिरोध का परिवर्तन (Variation of Resistance with Temperature)

परिभाषा

तापमान बदलने पर चालक का प्रतिरोध भी बदलता है। धातुओं में तापमान बढ़ने पर सामान्यतः प्रतिरोध बढ़ता है।

सूत्र

R = R₀[1 + α(T − T₀)]

जहाँ,
R₀ = प्रारंभिक तापमान T₀ पर प्रतिरोध
R = नए तापमान T पर प्रतिरोध
α = ताप प्रतिरोध गुणांक

तीन आसान उदाहरण

– धातु के तार को गर्म करने पर उसका प्रतिरोध बढ़ता है।
– तापमान कम करने पर धातु का प्रतिरोध घट सकता है।
– बल्ब के तंतु का तापमान बढ़ने पर उसका प्रतिरोध बदलता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: R₀ = 10 Ω, α = 0.004 °C⁻¹, T₀ = 20°C और T = 70°C है। R ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
R = R₀[1 + α(T − T₀)]

हल:
R = 10[1 + 0.004(70 − 20)]

R = 10[1 + 0.2]

R = 12 Ω

अतः

उत्तर: 12 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: R₀ = 20 Ω, α = 0.005 °C⁻¹ और तापमान में 40°C की वृद्धि हुई। नया प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
R = 20[1 + 0.005 × 40]

R = 20 × 1.2

R = 24 Ω

अतः

उत्तर: 24 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: R₀ = 50 Ω, α = 0.002 °C⁻¹ और तापमान में 20°C की वृद्धि हुई। नया प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
R = 50[1 + 0.002 × 20]

R = 50 × 1.04

R = 52 Ω

अतः

उत्तर: 52 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: R₀ = 100 Ω, α = 0.003 °C⁻¹ और तापमान में 50°C की वृद्धि हुई। नया प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
R = 100[1 + 0.003 × 50]

R = 100 × 1.15

R = 115 Ω

अतः

उत्तर: 115 Ω

8. विद्युत शक्ति और विद्युत ऊर्जा (Electric Power and Energy)

परिभाषा

किसी विद्युत उपकरण में विद्युत ऊर्जा जिस दर से खर्च होती है, उसे विद्युत शक्ति कहते हैं।

मुख्य सूत्र

P = VI

P = I²R

P = V²/R

विद्युत ऊर्जा:

W = Pt

या,

W = VIt

तीन आसान उदाहरण

– बल्ब विद्युत ऊर्जा को मुख्य रूप से प्रकाश और ऊष्मा में बदलता है।
– पंखे में विद्युत ऊर्जा से मोटर चलती है।
– हीटर विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा में बदलता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 220 V पर 2 A धारा लेने वाले उपकरण की शक्ति ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
P = VI

हल:
P = 220 × 2

P = 440 W

अतः

उत्तर: 440 W

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 1000 W का हीटर 2 घंटे चलता है। खर्च हुई ऊर्जा ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
W = Pt

हल:
W = 1000 × 2

W = 2000 Wh

W = 2 kWh

अतः

उत्तर: 2 kWh

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 10 Ω के प्रतिरोध में 2 A धारा बह रही है। शक्ति ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
P = I²R

हल:
P = 2² × 10

P = 4 × 10

P = 40 W

अतः

उत्तर: 40 W

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: 100 V विभवान्तर पर 5 Ω का प्रतिरोध जुड़ा है। शक्ति ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
P = V²/R

हल:
P = 100²/5

P = 10000/5

P = 2000 W

अतः

उत्तर: 2000 W

9. सेल का विद्युत वाहक बल और आंतरिक प्रतिरोध (EMF and Internal Resistance)

परिभाषा

किसी वास्तविक सेल के अंदर धारा के प्रवाह में कुछ विरोध होता है। सेल के अंदर होने वाले इस विरोध को आंतरिक प्रतिरोध कहते हैं। सेल द्वारा एकांक आवेश को दी गई ऊर्जा को विद्युत वाहक बल कहते हैं।

सूत्र

V = E − Ir

इससे,

E = V + Ir

तीन आसान उदाहरण

– वास्तविक बैटरी में कुछ आंतरिक प्रतिरोध होता है।
– बैटरी से अधिक धारा लेने पर टर्मिनल विभवान्तर कम हो सकता है।
– खुले परिपथ में टर्मिनल विभवान्तर विद्युत वाहक बल के बराबर होता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: E = 12 V, I = 2 A और r = 1 Ω है। टर्मिनल विभवान्तर ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
V = E − Ir

हल:
V = 12 − 2 × 1

V = 10 V

अतः

उत्तर: 10 V

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: E = 10 V, I = 1 A और r = 2 Ω है। V ज्ञात कीजिए।

हल:
V = 10 − 1 × 2

V = 8 V

अतः

उत्तर: 8 V

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: V = 9 V, I = 2 A और r = 0.5 Ω है। E ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
E = V + Ir

हल:
E = 9 + 2 × 0.5

E = 10 V

अतः

उत्तर: 10 V

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: E = 6 V, V = 5 V और I = 2 A है। आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
r = (E − V)/I

हल:
r = (6 − 5)/2

r = 0.5 Ω

अतः

उत्तर: 0.5 Ω

10. सेलों का श्रेणीक्रम संयोजन (Series Combination of Cells)

परिभाषा

जब कई सेलों को एक के बाद एक इस प्रकार जोड़ा जाता है कि एक सेल का धनात्मक सिरा दूसरे सेल के ऋणात्मक सिरे से जुड़ा हो, तो इसे श्रेणीक्रम संयोजन कहते हैं।

समान सेलों के लिए:

Eₑq = nE

rₑq = nr

तीन आसान उदाहरण

– टॉर्च में कई सेल श्रेणीक्रम में लगाए जा सकते हैं।
– श्रेणीक्रम में सेलों के विद्युत वाहक बल जुड़ते हैं।
– कई सेल मिलाकर अधिक विद्युत वाहक बल प्राप्त किया जा सकता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 2 V के 3 समान सेल श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। कुल विद्युत वाहक बल ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
Eₑq = nE

हल:
Eₑq = 3 × 2

Eₑq = 6 V

अतः

उत्तर: 6 V

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 1.5 V के 4 समान सेल श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। कुल विद्युत वाहक बल ज्ञात कीजिए।

हल:
Eₑq = 4 × 1.5

Eₑq = 6 V

अतः

उत्तर: 6 V

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: प्रत्येक सेल का आंतरिक प्रतिरोध 0.5 Ω है और 4 समान सेल श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। कुल आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
rₑq = nr

हल:
rₑq = 4 × 0.5

rₑq = 2 Ω

अतः

उत्तर: 2 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: 2 V के 5 समान सेल श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। कुल विद्युत वाहक बल ज्ञात कीजिए।

हल:
Eₑq = 5 × 2

Eₑq = 10 V

अतः

उत्तर: 10 V

11. सेलों का समानांतर संयोजन (Parallel Combination of Cells)

परिभाषा

जब समान सेलों के धनात्मक सिरों को एक साथ और ऋणात्मक सिरों को एक साथ जोड़ा जाता है, तो इसे समानांतर संयोजन कहते हैं।

समान सेलों के लिए:

Eₑq = E

rₑq = r/n

तीन आसान उदाहरण

– समानांतर संयोजन में सेलों का विद्युत वाहक बल समान रहता है।
– सेलों को समानांतर जोड़ने पर तुल्य आंतरिक प्रतिरोध कम होता है।
– अधिक धारा की आवश्यकता होने पर समानांतर संयोजन उपयोगी हो सकता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 3 समान सेल हैं और प्रत्येक का आंतरिक प्रतिरोध 0.6 Ω है। तुल्य आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
rₑq = r/n

हल:
rₑq = 0.6/3

rₑq = 0.2 Ω

अतः

उत्तर: 0.2 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 4 समान सेल, प्रत्येक का विद्युत वाहक बल 1.5 V है। समानांतर संयोजन का विद्युत वाहक बल ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
Eₑq = E

हल:
Eₑq = 1.5 V

अतः

उत्तर: 1.5 V

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 5 समान सेल हैं और प्रत्येक का आंतरिक प्रतिरोध 1 Ω है। तुल्य आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
rₑq = 1/5

rₑq = 0.2 Ω

अतः

उत्तर: 0.2 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: 2 V के 4 समान सेल समानांतर में जुड़े हैं। तुल्य विद्युत वाहक बल ज्ञात कीजिए।

हल:
Eₑq = E

Eₑq = 2 V

अतः

उत्तर: 2 V

12. प्रतिरोधों का श्रेणीक्रम संयोजन (Series Combination of Resistors)

परिभाषा

जब दो या अधिक प्रतिरोधों को एक के बाद एक जोड़ा जाता है और उनमें समान धारा बहती है, तो इसे प्रतिरोधों का श्रेणीक्रम संयोजन कहते हैं।

सूत्र

Rₑq = R₁ + R₂ + R₃ + …

तीन आसान उदाहरण

– कई प्रतिरोधों को एक के बाद एक जोड़ा जा सकता है।
– श्रेणीक्रम में सभी प्रतिरोधों में समान धारा बहती है।
– श्रेणीक्रम में कुल प्रतिरोध बढ़ जाता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 2 Ω, 3 Ω और 5 Ω के प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
Rₑq = R₁ + R₂ + R₃

हल:
Rₑq = 2 + 3 + 5

Rₑq = 10 Ω

अतः

उत्तर: 10 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 4 Ω और 6 Ω के दो प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
Rₑq = 4 + 6

Rₑq = 10 Ω

अतः

उत्तर: 10 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 5 Ω, 5 Ω और 10 Ω के प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
Rₑq = 5 + 5 + 10

Rₑq = 20 Ω

अतः

उत्तर: 20 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: 3 Ω के चार प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
Rₑq = 3 + 3 + 3 + 3

Rₑq = 12 Ω

अतः

उत्तर: 12 Ω

13. प्रतिरोधों का समानांतर संयोजन (Parallel Combination of Resistors)

परिभाषा

जब दो या अधिक प्रतिरोधों के दोनों सिरे समान दो बिंदुओं से जोड़े जाते हैं, तो इसे प्रतिरोधों का समानांतर संयोजन कहते हैं।

सूत्र

1/Rₑq = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + …

दो प्रतिरोधों के लिए:

Rₑq = R₁R₂/(R₁ + R₂)

तीन आसान उदाहरण

– घरों में विद्युत उपकरण सामान्यतः समानांतर जोड़े जाते हैं।
– समानांतर संयोजन में सभी शाखाओं पर विभवान्तर समान रहता है।
– किसी एक उपकरण को बंद करने पर बाकी उपकरण चलते रह सकते हैं।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 6 Ω और 3 Ω के दो प्रतिरोध समानांतर जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
Rₑq = R₁R₂/(R₁ + R₂)

हल:
Rₑq = (6 × 3)/(6 + 3)

Rₑq = 18/9

Rₑq = 2 Ω

अतः

उत्तर: 2 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 4 Ω और 4 Ω के दो प्रतिरोध समानांतर जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
Rₑq = (4 × 4)/(4 + 4)

Rₑq = 16/8

Rₑq = 2 Ω

अतः

उत्तर: 2 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 10 Ω और 5 Ω के प्रतिरोध समानांतर जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
Rₑq = (10 × 5)/(10 + 5)

Rₑq = 50/15

Rₑq = 10/3 Ω

अतः

उत्तर: 10/3 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: 2 Ω और 6 Ω के प्रतिरोध समानांतर जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

हल:
Rₑq = (2 × 6)/(2 + 6)

Rₑq = 12/8

Rₑq = 1.5 Ω

अतः

उत्तर: 1.5 Ω

14. किरचॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff’s First Law)

परिभाषा

किसी विद्युत परिपथ की संधि पर आने वाली कुल धारा, उस संधि से बाहर जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है। यह नियम आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।

सूत्र

ΣI = 0

या,

आने वाली धाराओं का योग = जाने वाली धाराओं का योग

तीन आसान उदाहरण

– संधि पर 2 A और 3 A आने पर कुल 5 A बाहर जा सकती है।
– संधि पर धारा नष्ट नहीं होती।
– अलग-अलग शाखाओं में धारा बँट सकती है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: किसी संधि पर 2 A और 3 A की धाराएँ आ रही हैं। बाहर जाने वाली कुल धारा ज्ञात कीजिए।

हल:
I = 2 + 3

I = 5 A

अतः

उत्तर: 5 A

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 8 A धारा किसी संधि में आती है। दो शाखाओं में 3 A और I धारा जाती है। I ज्ञात कीजिए।

हल:
8 = 3 + I

I = 5 A

अतः

उत्तर: 5 A

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 10 A धारा आती है और 4 A तथा 2 A बाहर जाती हैं। तीसरी धारा ज्ञात कीजिए।

हल:
10 = 4 + 2 + I

I = 4 A

अतः

उत्तर: 4 A

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: 7 A धारा संधि से बाहर जाती है। 2 A और I अंदर आती हैं। I ज्ञात कीजिए।

हल:
2 + I = 7

I = 5 A

अतः

उत्तर: 5 A

15. किरचॉफ का द्वितीय नियम (Kirchhoff’s Second Law)

 परिभाषा

किसी बंद विद्युत परिपथ में विद्युत वाहक बलों और विभवान्तरों का बीजीय योग शून्य होता है। यह नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।

सूत्र

ΣE − ΣIR = 0

या,

ΣE = ΣIR

तीन आसान उदाहरण

– बंद परिपथ में सेल द्वारा दी गई ऊर्जा प्रतिरोधों में खर्च होती है।
– इस नियम से जटिल परिपथों की धारा ज्ञात की जा सकती है।
– अलग-अलग प्रतिरोधों में विभवान्तर की गणना की जा सकती है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 12 V का सेल और 4 Ω का प्रतिरोध जुड़ा है। धारा ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
E = IR

हल:
I = E/R

I = 12/4

I = 3 A

अतः 

उत्तर: 3 A

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 10 V का सेल और 2 Ω तथा 3 Ω के प्रतिरोध श्रेणीक्रम में हैं। धारा ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
E = I(R₁ + R₂)

हल:
10 = I(2 + 3)

10 = 5I

I = 2 A

अतः 

उत्तर: 2 A

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 12 V का सेल 2 Ω और 4 Ω के प्रतिरोधों से जुड़ा है। धारा ज्ञात कीजिए।

हल:
12 = I(2 + 4)
12 = 6I
I = 2 A
अतः 

उत्तर: 2 A

संख्यात्मक प्रश्न 4
प्रश्न: 20 V का सेल 5 Ω के प्रतिरोध से जुड़ा है। धारा ज्ञात कीजिए।
हल:
I = E/R
I = 20/5
I = 4 A

अतः 

उत्तर: 4 A

16. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge)

परिभाषा

चार प्रतिरोधों की सहायता से बनाया गया ऐसा परिपथ, जिससे अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात किया जा सकता है, व्हीटस्टोन सेतु कहलाता है।

संतुलन की अवस्था

P/Q = R/S

या,

PS = QR

तीन आसान उदाहरण

-अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात करने में इसका उपयोग होता है।
-संतुलित अवस्था में बीच की शाखा में धारा नहीं बहती।
-प्रतिरोधों का सही अनुपात रखकर सेतु को संतुलित किया जाता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1
प्रश्न: P = 2 Ω, Q = 4 Ω और R = 3 Ω है। संतुलन के लिए S का मान ज्ञात कीजिए।

सूत्र:

P/Q = R/S

हल:

2/4 = 3/S

2S = 12

S = 6 Ω

अतः 

उत्तर: 6 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: P = 5 Ω, Q = 10 Ω और R = 4 Ω है। S ज्ञात कीजिए।

हल:
5/10 = 4/S

5S = 40

S = 8 Ω

अतः 

उत्तर: 8 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: P = 3 Ω, Q = 6 Ω और S = 8 Ω है। R ज्ञात कीजिए।

हल:

3/6 = R/8

3 × 8 = 6R

R = 4 Ω

अतः 

उत्तर: 4 Ω

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: P = 4 Ω, Q = 2 Ω और R = 6 Ω है। S ज्ञात कीजिए।

हल:

4/2 = 6/S

4S = 12

S = 3 Ω

अतः 

उत्तर: 3 Ω

17. धारा घनत्व (Current Density)

परिभाषा

चालक के एकांक अनुप्रस्थ क्षेत्रफल से बहने वाली धारा को धारा घनत्व कहते हैं।

सूत्र

J = I/A

और,

J = nevᵈ

तीन आसान उदाहरण

– पतले तार में समान धारा के लिए धारा घनत्व अधिक हो सकता है।
– मोटे तार में वही धारा अधिक क्षेत्रफल में फैलती है।
– धारा घनत्व का संबंध चालक के क्षेत्रफल से होता है।

संख्यात्मक प्रश्न 1

प्रश्न: 4 A धारा 2 × 10⁻⁴ m² क्षेत्रफल वाले तार से बह रही है। धारा घनत्व ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
J = I/A

हल:
J = 4/(2 × 10⁻⁴)

J = 2 × 10⁴ A/m²

अतः

उत्तर:

2 × 10⁴ A/m²

संख्यात्मक प्रश्न 2

प्रश्न: 6 A धारा 3 × 10⁻⁴ m² क्षेत्रफल से बह रही है। J ज्ञात कीजिए।

हल:
J = 6/(3 × 10⁻⁴)

J = 2 × 10⁴ A/m²

अतः

उत्तर: 2 × 10⁴ A/m²

संख्यात्मक प्रश्न 3

प्रश्न: 2 A धारा और 1 × 10⁻⁴ m² क्षेत्रफल है। धारा घनत्व ज्ञात कीजिए।

हल:
J = 2/(1 × 10⁻⁴)

J = 2 × 10⁴ A/m²

अतः

उत्तर:

2 × 10⁴ A/m²

संख्यात्मक प्रश्न 4

प्रश्न: धारा घनत्व 5 × 10³ A/m² और क्षेत्रफल 2 × 10⁻⁴ m² है। धारा ज्ञात कीजिए।

सूत्र:
I = JA

हल:
I = 5 × 10³ × 2 × 10⁻⁴

I = 1 A

अतः

उत्तर: 1 A

18. विद्युत धारा से जुड़े महत्वपूर्ण संबंध (Important Relations)

मुख्य सूत्र

I = Q/t

Q = It

I = neAvᵈ

vᵈ = I/(neA)

μ = vᵈ/E

vᵈ = μE

याद रखने की बात

धारा को आवेश और समय से पूछा जाए तो I = Q/t लगाएँ।
अपवाह वेग दिया हो तो I = neAvᵈ लगाएँ।

19. प्रतिरोधों के संयोजन की तुलना (Comparison of Resistor Combinations)

श्रेणीक्रम

Rₑq = R₁ + R₂ + R₃ + …

– धारा समान रहती है।
– विभवान्तर बँटता है।
– कुल प्रतिरोध बढ़ता है।

समानांतर

1/Rₑq = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + …

– विभवान्तर समान रहता है।
– धारा शाखाओं में बँटती है।
– कुल प्रतिरोध घटता है।

20. विद्युत शक्ति के महत्वपूर्ण रूप (Important Forms of Electric Power)

P = VI

ओम के नियम से,

P = I²R

और,

P = V²/R

याद रखने की आसान बात

जब V और I दिए हों → P = VI

जब I और R दिए हों → P = I²R

जब V और R दिए हों → P = V²/R

21. विद्युत ऊर्जा के महत्वपूर्ण रूप (Important Forms of Electrical Energy)

W = Pt

और,

W = VIt

साथ ही,

W = I²Rt

और,

W = V²t/R

विद्युत ऊर्जा की व्यावहारिक इकाई:

1 kWh = 3.6 × 10⁶ J

22. विद्युत शक्ति और ऊर्जा में अंतर (Difference Between Power and Energy)

विद्युत शक्ति: ऊर्जा खर्च होने की दर।

P = W/t

विद्युत ऊर्जा: कुल खर्च हुई ऊर्जा।

W = Pt

शक्ति का मात्रक वाट है।

ऊर्जा का मात्रक जूल है।

23. प्रतिरोध और प्रतिरोधकता में अंतर (Resistance and Resistivity)

प्रतिरोध: किसी विशेष चालक की धारा के प्रवाह में रुकावट।

प्रतिरोधकता: पदार्थ का गुण, जो उसके विद्युत प्रवाह के विरोध को बताता है।

प्रतिरोध का सूत्र:

R = ρl/A

प्रतिरोधकता का मात्रक:

Ωm

24. विद्युत वाहक बल और टर्मिनल विभवान्तर (EMF and Terminal Potential Difference)

खुले परिपथ में धारा नहीं बहती, इसलिए आदर्श स्थिति में टर्मिनल विभवान्तर विद्युत वाहक बल के बराबर होता है।

धारा बहने पर:

V = E − Ir

अर्थात आंतरिक प्रतिरोध के कारण टर्मिनल विभवान्तर विद्युत वाहक बल से कम हो जाता है।

25. किरचॉफ के दोनों नियमों में अंतर (Difference Between Kirchhoff’s Laws)

प्रथम नियम: आवेश संरक्षण पर आधारित है।

ΣI = 0

द्वितीय नियम: ऊर्जा संरक्षण पर आधारित है।

ΣE − ΣIR = 0

26. परीक्षा में सूत्र चुनने का आसान तरीका (Choosing the Correct Formula)

यदि प्रश्न में आवेश और समय दिया है:

I = Q/t

यदि विभवान्तर और धारा दी है:

R = V/I

यदि प्रतिरोध और धारा दी है:

V = IR

यदि लंबाई, क्षेत्रफल और प्रतिरोधकता दी है:

R = ρl/A

यदि शक्ति पूछी गई है:

P = VI

यदि ऊर्जा पूछी गई है:

W = Pt

यदि दो समानांतर प्रतिरोध हैं:

Rₑq = R₁R₂/(R₁ + R₂)

यदि श्रेणीक्रम प्रतिरोध हैं:

Rₑq = R₁ + R₂ + R₃ + …

27. अध्याय के सबसे जरूरी ग्राफ (Important Graphs)

V-I ग्राफ

ओमीय चालक के लिए V और I के बीच सीधा संबंध होता है।

V ∝ I

इसलिए ग्राफ सीधी रेखा प्राप्त होती है।

यदि V को ऊर्ध्वाधर अक्ष और I को क्षैतिज अक्ष पर लें, तो ढाल:

ढाल = V/I = R

तापमान और प्रतिरोध

धातु के लिए सामान्यतः तापमान बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है।

28. इस अध्याय की सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)

– मिनट को सेकंड में बदलना भूलना।
– मिलीमीटर को मीटर में बदलना भूलना।
– किलोवाट को वाट में बदलते समय गलती करना।
– श्रेणीक्रम और समानांतर के सूत्रों को आपस में बदल देना।
– शक्ति और ऊर्जा को एक ही मान लेना।
– इलेक्ट्रॉन की दिशा और परंपरागत धारा की दिशा को समान मान लेना।
– आंतरिक प्रतिरोध वाले सेल में V = E − Ir की जगह गलत चिन्ह लगाना।
– व्हीटस्टोन सेतु में अनुपात गलत लगाना।

29. महत्वपूर्ण सूत्र एक जगह (Important Formula Sheet)

I = Q/t

Q = It

I = neAvᵈ

vᵈ = I/(neA)

μ = vᵈ/E

vᵈ = μE

V = IR

R = V/I

R = ρl/A

ρ = RA/l

R = R₀[1 + α(T − T₀)]

P = VI

P = I²R

P = V²/R

W = Pt

W = VIt

W = I²Rt

W = V²t/R

1 kWh = 3.6 × 10⁶ J

V = E − Ir

E = V + Ir

Eₑq = nE

rₑq = nr

Eₑq = E

rₑq = r/n

Rₑq = R₁ + R₂ + R₃ + …

1/Rₑq = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + …

Rₑq = R₁R₂/(R₁ + R₂)

ΣI = 0

ΣE − ΣIR = 0

P/Q = R/S

PS = QR

J = I/A

J = nevᵈ

30. त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

– धारा = आवेश के बहने की दर।
– धारा का सूत्र I = Q/t है।
– अपवाह वेग मुक्त इलेक्ट्रॉनों का औसत वेग है।
– धारा और अपवाह वेग का संबंध I = neAvᵈ है।
– गतिशीलता का सूत्र μ = vᵈ/E है।
– ओम का नियम V = IR है।
– प्रतिरोध का सूत्र R = ρl/A है।
– शक्ति के तीन महत्वपूर्ण रूप P = VI, P = I²R, P = V²/R हैं।
– ऊर्जा का सूत्र W = Pt है।
– सेल के लिए V = E − Ir महत्वपूर्ण है।
– श्रेणीक्रम में प्रतिरोध जुड़ते हैं।
– समानांतर में प्रतिरोध घटता है।
– किरचॉफ का प्रथम नियम आवेश संरक्षण पर आधारित है।
– किरचॉफ का द्वितीय नियम ऊर्जा संरक्षण पर आधारित है।
– व्हीटस्टोन सेतु की संतुलन अवस्था P/Q = R/S है।

31. स्वयं जाँच प्रश्न (Self Check Questions)

अध्याय पढ़ने के बाद स्वयं से पूछें:

1. विद्युत धारा की परिभाषा और सूत्र क्या है?
2. अपवाह वेग क्या होता है?
3. धारा और अपवाह वेग में क्या संबंध है?
4. गतिशीलता का सूत्र क्या है?
5. ओम का नियम क्या कहता है?
6. प्रतिरोध और प्रतिरोधकता में क्या अंतर है?
7. तापमान बढ़ने पर धातु का प्रतिरोध कैसे बदलता है?
8. विद्युत शक्ति के तीन सूत्र कौन-से हैं?
9. विद्युत ऊर्जा का सूत्र क्या है?
10. विद्युत वाहक बल और टर्मिनल विभवान्तर में क्या संबंध है?
11. सेल के आंतरिक प्रतिरोध का क्या अर्थ है?
12. श्रेणीक्रम में जुड़े सेलों का तुल्य विद्युत वाहक बल कैसे निकालते हैं?
13. समानांतर में जुड़े सेलों का तुल्य आंतरिक प्रतिरोध कैसे निकालते हैं?
14. श्रेणीक्रम प्रतिरोध का सूत्र क्या है?
15. समानांतर प्रतिरोध का सूत्र क्या है?
16. किरचॉफ का प्रथम नियम किस संरक्षण नियम पर आधारित है?
17. किरचॉफ का द्वितीय नियम किस संरक्षण नियम पर आधारित है?
18. व्हीटस्टोन सेतु की संतुलन अवस्था क्या है?
19. धारा घनत्व का सूत्र क्या है?
20. I = Q/t और I = neAvᵈ में कब कौन-सा सूत्र लगाएँगे?

32. परीक्षा के लिए खास बातें और अंतिम टिप्स (Important Exam Tips)

– सबसे पहले प्रश्न में दी गई राशियों को अलग-अलग लिखें।
– सभी मात्रकों को एक ही पद्धति में बदलें।
– फिर सही सूत्र लिखें।
– सूत्र में मान रखने के बाद गणना करें।
– अंतिम उत्तर के साथ मात्रक जरूर लिखें।
– शक्ति और ऊर्जा के प्रश्नों में समय की इकाई ध्यान से देखें।
– श्रेणीक्रम और समानांतर संयोजन के सूत्र अच्छी तरह याद रखें।
– सेल के प्रश्न में आंतरिक प्रतिरोध को ध्यान में रखें।
– किरचॉफ के प्रश्नों में धारा की दिशा पहले मान लें और फिर समीकरण बनाएँ।
– व्हीटस्टोन सेतु में संतुलन की स्थिति का अनुपात ध्यान से लगाएँ।

अध्याय का अंतिम सूत्र-स्मरण

I = Q/t

V = IR

R = ρl/A

I = neAvᵈ

μ = vᵈ/E

P = VI

W = Pt

V = E − Ir

Rₑq = R₁ + R₂ + R₃ + …

1/Rₑq = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + …

ΣI = 0

ΣE − ΣIR = 0

P/Q = R/S

J = I/A

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